नई टिहरी। टिहरी बांध की झील का जलस्तर बढ़ने पर थौलधार ब्लॉक के ग्रामीणों को झील आरपार करने के लिए बोट का सहारा लेना पड़ता है। बोट का संचालन सीमित समय पर होने से ग्रामीणों को तेज धूप और गर्मी में घंटों झील किनारे इंतजार करना पड़ रहा है।
थौलधार ब्लॉक की गुसाईं पट्टी समेत कई गांवों की उत्तरकाशी जिले की पट्टी दिचलीगमरी में नाते-रिश्तेदारी है। इसके चलते ग्रामीणों का दोनों क्षेत्रों के बीच लगातार आवागमन रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्धारित समय पर ही बोट मिलने के कारण कई बार उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। इससे वे समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं।
स्थानीय निवासी बैशाख सिंह, दिल सिंह, उषा देवी, गंगा प्रसाद खंडूरी, दिवान सिंह राणा, पीतांबर दत्त जोशी, रणवीर सिंह नेगी ने कहा कि झील किनारे बैठने के लिए उचित व्यवस्था भी नहीं है। वहीं, आवागमन के रास्तों में झाड़ियां उगी होने से भी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने पुनर्वास विभाग से लोगों की सुविधा के लिए दिनभर बोट संचालन करने की मांग की है।
बोट संचालन के लिए सुबह सात बजे, पूर्वाह्न 11 बजे, अपराह्न दो बजे और शाम पांच बजे का समय निर्धारित किया गया है। लोगों को आवागमन के लिए निर्धारित समय पर ही झील के किनारे पहुंचना चाहिए।
-रविकांत, जेई, पुनर्वास विभाग टिहरी