बांध प्रभावित रौलाकोट के ग्रामीणों ने लॉटरी प्रक्रिया को निरस्त करने की उठाई मांग
नई टिहरी। टिहरी बांध प्रभावित रौलाकोट गांव के ग्रामीणों ने लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए गए कृषि प्लाटों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने लॉटरी प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा से कराए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना कि उन्हें जिस स्थान पर आवासीय प्लांट दिए गए है, वहीं कृषि भूखंड भी आवंटित किए जाने चाहिए।
बांध प्रभावित रौलाकोट गांव के 8 परिवारों को मंगलवार को प्रभारी पुनर्वास अधिकारी / उप जिलाधिकारी कमलेश मेहता और टीएचडीसी के अधिकारियों के देखरेख में पुनर्वास सभागार में लॉटरी से कृषि भूखंड आवंटित किए। ग्रामीण नीरज रावत और उर्मिला देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें देहरादून स्थित घमंडपुर के रैनापुर में पूर्व में पुनर्वास विभाग की ओर से आवासीय प्लांट आवंटित किए है।
ग्रामीण लंबे समय रैनापुर में ही कृषि भूखंड दिए जाने की मांग करते आ रहे हैं। बताया मंगलवार को लॉटरी प्रक्रिया संपन्न करने से पूर्व प्रभारी पुनर्वास अधिकारी ने ग्रामीणों से आपसी सहमति बनने को कहा। इसी बीच ग्रामीण इसी मामले में जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट चले गए, लेकिन जब वह वापस पुनर्वास कार्यालय पहुंचे तब तक लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हो चुकी थी।
इस संबंध में ग्रामीणों ने पूर्व में भी पुनर्वास अधिकारी से कृषि भूखंड वहीं देने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उन्हें आवासीय और कृषि भूखंड अलग-अलग जगहों पर दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने पुनर्वास निदेशक / डीएम को ज्ञापन सौंपकर मंगलवार को संपन्न हुई कृषि भूखंड लॉटरी प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग है। मांग पूरी न होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। इस मौके पर टीकम सिंह, वीरेंद्र राणा, मुकेश गुसाईं, आरती धनाई आदि मौजूद रहे।
लॉटरी के माध्यम से रौलाकोट के ग्रामीणों को आठ प्लाट आवंटन किए गए हैं। लॉटरी नियम के अनुसार, वीडियोग्राफी और काश्तकारों की उपस्थित में संपन्न करवाई गई। लॉटरी में किसी प्रकार की कोई गडबड़ी नहीं हुई है।
-कमलेश मेहता, प्रभारी पुनर्वास अधिकारी टिहरी।