गांव में बढ़े पेयजल संकट पर धरने में बैठे जिला पंचायत सदस्य और प्रधान
गांव में हैंडपंप लगाने और पंपिंग योजना का प्रस्ताव भेजने पर माने ग्रामीण
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के चकरेड़ा गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना है। समस्या का समाधान नहीं होने पर गुस्साए ग्रामीण गांव में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही पेयजल समस्या का निस्तारण नहीं किया जाता है तो ग्रामीणों को आंदोलन तेज करने को मजबूर होना पड़ेगा।
नैलचामी पट्टी के चकरेड़ा गांव में तीन-चार साल से पेयजल की समस्या बनी हुई है। गरमियों में पानी कम होने के कारण ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। समस्या से अवगत कराने पर भी समाधान नहीं होने पर गुस्साए जिला पंचायत सदस्य अनुज शाह और प्रधान राखी देवी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर हुई सभा में शाह ने कहा कि वर्ष 2021 में जल जीवन मिशन के तहत गांव में पेयजल लाइन बिछाई गई थी।
योजना को तीन भागों में विभाजित कर छह जल स्रोत जोड़े गए। लेकिन आपदा के बाद अधिकांश स्रोतों पर पानी कम हो गया है। जिससे ग्रामीण पेयजल समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के अधिकतर लोग दूर-दराज से पानी ढ़ोने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जगदीशिला क्षेत्र से नई पंपिंग पेयजल योजना बनाने की मांग की।
धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच पहुंचे जल संस्थान के अधिशासी अभियंता संतोष उपाध्याय ने कहा कि पेयजल समस्या के शीघ्र समाधान के लिए गांव में हैंडपंप लगाने के लिए मशीन मांग दी गई है। पंपिंग पेयजल योजना की डीपीआर तैयार कर शीघ्र ही शासन को भेजने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने धरना स्थगित कर दिया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य विक्रम घणाता, संदीप आर्य, यूकेडी के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद राणा, सुनीता रावत, रामलाल, पुष्कर लाल और राय सिंह रावत आदि मौजूद थे।