उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की नागणी शाखा में जमीन के फर्जी दस्तावेजों के आधार लोन के जाल में फंसाने से लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने बैठक में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने सीडीओ के समक्ष समस्या रखी।
मंगलवार को नागणी पहुंचे जड़धार गांव के विजय दास, पलास गांव के प्रकाश दास, आमपाटा के बैशाखू दास, भगवान दास, टिपली के हुकम दास ने कहा कि बैंक अधिकारियों ने हमें अनुदान राशि बताकर ऋण के जाल में फंसाया और अब वसूली के नोटिस भेजे जा रहे हैं। पूर्व मंत्री दिनेश धनै, ज्येष्ठ प्रमुख संजय मैठाणी और विजय जड़धारी ने कहा कि ग्रामीणों को न्याय दिलाया जाएगा। सीडीओ अभिषेक रुहेला का कहना है कि नगणी बैंक शाखा में केसीसी संबंधी शिकायत को लेकर ग्रामीणों ने अभी लिखित में नहीं दिया है। वहां जाकर ग्रामीणों को अपनी समस्या से लिखित में अवगत कराने को कहा गया है। उसके बाद ही जांच शुरू की जाएगी। वहीं ग्रामीण बैंक में पीड़ित केसीसी से संबंधित कागजात की जानकारी ले रहे थे। इसी दौरान शाखा प्रबंधक ने पीड़ितों को जाति सूचक शब्द कह दिया, जिस पर लोग भड़क गए। मामला बढ़ता देख प्रबंधक ने माफी मांगी, जिस पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ।