सड़क मरम्मत, पुल और टावर लगाने के लिए आंदोलित हैं ग्रामीण
आंदोलन के समर्थन में महिलाएं और बुजुर्ग भी बैठे क्रमिक अनशन में
घनसाली (टिहरी)। टिहरी जिले के सीमांत गेंवाली गांव में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। गांव के पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत सात सूत्री मांगों को लेकर पांचवें दिन भी भूख हड़ताल पर डटे रहे। उनके समर्थन में गांव की महिलाएं और बुजुर्ग क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। आंदोलनरत ग्रामीणों का आरोप है कि पांच दिन बीतने के बावजूद वार्ता के लिए कोई भी जिम्मेदार अधिकारी गांव नहीं पहुंचा जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीण 20 फरवरी से गेंवाली गांव के पंचायती चौक में धरना दे रहे हैं। वे क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण, पुल निर्माण कार्य शुरू करने, मोबाइल टावर स्थापित करने, आपदा प्रभावित 12 परिवारों का पुनर्वास, क्षतिग्रस्त जूनियर हाईस्कूल भवन का निर्माण शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से उक्त समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगाई जा रही है लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
समस्याओं के समाधान में हो रही देरी से नाराज पूर्व प्रधान बचन सिंह रावत भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। धरना स्थल पर आयोजित बैठक में ग्राम प्रधान विजेश्वरी देवी ने कहा कि सीमांत गांव होने के कारण गेंवाली की लगातार उपेक्षा की जा रही है। शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद अधिकारियों का वार्ता के लिए न पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की धार और तेज की जाएगी।धरना स्थल पर वीर सिंह, मखन सिंह, भीम सिंह, शिव सिंह, विक्रम सिंह, अरविंद सिंह और शेर सिंह समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।