सड़क क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों की आवाजाही हो गई थी बंद
नैनबाग (टिहरी)। क्षेत्र में 15 सितंबर रात को अतिवृष्टि से आठ गांव को जोड़ने वाली दुधली-डिभोगी सड़क संगाड गदेरे में भूस्खलन से बंद हो गई थी। छह दिन बाद सड़क खुलने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
अतिवृष्टि से दुधली-डिभागी सड़क बंद होने से नैनबाग के सरतली, खसोन, कांडा, डांडा गांव दुधली, तिमलियाल गांव सहित आठ गांव को जोड़ने वाली सड़क संगाड गदेरे के उफान पर आने से हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गई थी जिसके बाद से ग्रामीणों का इधर-उधर जाना मुश्किल हो गया था। सरतली निवासी अनिल पुंडीर, सागर तोमर ने बताया कि ग्रामीण लगातार लोक निर्माण विभाग से सड़क खोलने की मांग करते आ रहे थे।
जेसीबी के अभाव में सड़क नहीं खुल पा रही थी। सड़क बंद होने से ग्रामीण रोजमर्रा का सामान लेने नैनबाग व मसूरी भी नहीं जा पा रहे थे। क्षेत्र के ग्रामीण मसूरी में दूध, सब्जी आदि बेचने जाते हैं। सड़क बंद होने से ग्रामीणों के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी। छह दिन बाद दुधली-डिभेगी सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। इस बाबत लोनिवि थत्यूड़ के सहायक अभियंता नवीन शर्मा ने बताया कि बीते शनिवार को सड़क को ठीक करने के लिए दो जेसीबी लगाई थी। रविवार शाम को दुधली-डिभोगी सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी गई है।