उपली रमोली के सेरा गांव के गंगा प्रसाद पैन्यूली की सब्जियां इन दिनों बाजार में छाई हुई है। लोग हाथों-हाथ उनकी राई और मटर खरीद रहे हैं। गंगा प्रसाद ने हाड़-तोड़ मेहनत कर सेरा गांव में बंजर पड़ी भूमि पर सब्जी उत्पादन कर क्षेत्र के लोगों को स्वरोजगार की नई राह दिखाई है। गंगा की मेहनत को देखकर उद्यान विभाग ने अब उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है। ताकि गांव के अन्य लोग भी उन से प्रेरणा लेकर सब्जी उत्पादन करें।
गंगा को यह प्रेरणा हिमाचल के एक किसान से मिली। वह हिमाचल में किसान के साथ सब्जी उत्पादन करते थे। वर्ष 2012 में जब वह अपने गांव सेरा आए, तो उन्होंने अपनी बंजर पड़ी भूमि पर सब्जी उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया। जलकुर नदी से 50 मीटर दूरी पर स्थित सेरा गांव के खेतों में पानी की कोई कमी नहीं थी, लेकिन यहां की अधिकतर भूमि रेत की होने के चलते कोई भी सब्जी उत्पादन करने की नहीं सोच सकता था। लेकिन गंगा प्रसाद पैन्यूली ने इस असंभव को हाड़ तोड़ मेहनत से संभव कर दिखाया। बताया कि गत वर्ष उन्होंने लंबगांव बाजार में हरी सब्जी, मटर, कद्दू, बैंगन, टमाटर बेचकर 40 हजार का लाभ कमाया। इन दिनों भी बाजार में सेरा गांव के गंगा प्रसाद की सब्जियां लोगों को खूब भा रही है। उद्यान विभाग प्रतापनगर के ब्लॉक प्रभारी रामचंद्र नौटियाल ने बताया कि गंगा प्रसाद पैन्यूली से अन्य लोगों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। विभाग की और से उन्हें इस वर्ष पुरस्कृत करने का निर्णय लिया है।