इगास पर्व (बूढ़ी दिवाली) पर ढोल-दमाऊं की थाप पर लोग झूम उठे। सामूहिक भैलो खेलकर लोगों ने पर्व मनाया। संस्कृति कर्मी महीपाल सिंह नेगी, लोक गायक गोपाल भाई और सर्वोदयी साब सिंह सजवाण ने इगास बग्वाल का इतिहास, वीर भड़ माधो सिंह, उत्तराखंड के 52 गढ़, राजुली-मालूशाही की कहानी सहित पंवाडे सुनाए।
बौराड़ी योग पार्क में राज्य आंदोलनकारी मंच, नागरिक मंच, त्रिहरि, भारत स्वाभिमान, राज विद्या केंद्र, वनाधिकार आंदोलन, लेक व्यू रिजॉर्ट और एपीजे अब्दुल विचार मंच की पहल पर इगास बग्वाल का सामूहिक आयोजन किया गया। भैला खेलकर लोगों ने जमकर बूढ़ी दिवाली का जश्न मनाया। 111 दीपमाला के साथ उड़द की दाल की पकौड़ियों का लोगों ने आनंद लेते हुए एक-दूसरे को दिवाली की बधाई दी। इस मौके पर नागरिक मंच के अध्यक्ष सुंदर लाल उनियाल, सचिव चंडी प्रसाद डबराल, कमल सिंह महर, देवेंद्र नौडियाल, कुलदीप पंवार, खेम सिंह चौहान, विजयपाल रावत, जीतराम भट्ट, समीर रतूड़ी, ज्योति प्रसाद भट्ट, यूएस नेगी, भागवान चंद रमोला, महावीर उनियाल, मुशर्रफ अली, मुर्तजा बेग, रागिनी भट्ट, राजपाल मिंया, जगजीत नेगी, सतीश चमोली, देवेंद्र चमियाल, त्रिलोक रमोला, लखवीर चौहान, उर्मिला महर, ममता उनियाल, शोभा रावत आदि उपस्थित रहे।