स्वास्थ्य विभाग के जिला टीबी फोरम समिति की बैठक में उत्तराखंड से 2024 तक मुक्त करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। कहा कि केंद्र सरकार ने टीबी रोग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए निशुल्क इलाज, पोषण भत्ता से लेकर देखरेख करने वाले को धनराशि दी जा रही है।
बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक रूहेला की अध्यक्षता में आयोजित टीबी (क्षय रोग) फोरम की बैठक में टीबी उन्मूलन को लेकर चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। सीडीओ ने कहा कि सभी लोग मिलकर प्रयास करें कि 2024 तक उत्तराखंड में टीबी से मुक्त हो सके। राड्स संस्था के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने कहा कि टीबी के लक्षण, उसके उपचार संबंधी जानकारी को लेकर क्षेत्र पंचायतों की बैठक में भी पोस्टर, पंपलेट वितरित किए जाएं। जिला क्षयरोग अधिकारी डा. मनोज वर्मा ने बताया कि दो सप्ताह तक खांसी, बुखार, बलगम में खून आना आदि पाए जाने पर तुरंत जांच करवाएं। इस मौके पर जाखणीधार की ब्लाक अध्यक्ष सुनीता देवी, जिला कार्यक्रम समन्वयक कमला तोपवाल, जिला पंचायत के एएमए संजय खंडूरी, बार एसोसिएशन के सचिव राजपाल मियां, आजीविका के परियोजना प्रबंधक डा. एचपी पंत, प्रवीन सती, एडी जोशी, एसपी बडोनी, विनोद सेमवाल, संदीप भट्ट, डीपी भट्ट आदि मौजूद थे।