प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आयोजित गोष्ठी में आसपास के गांवों से सैकड़ों किसान जुटे, जिसमें विशेषज्ञों की ओर से कृषि उपज बढ़ाने पर जोर दिया गया। कहा कि इससे लोग आत्मनिर्भर हो सकेंगे। उन्होंने सिंचाई संसाधन विहीन ऊंचाई वाले इलाकों में चाल-खाल बनाकर सिंचाई साधन जुटाने की जानकारी भी दी।
गोष्ठी में नगुन पट्टी के क्यारी गांव निवासी प्रगतिशील किसान कुलानंद नौटियाल ने काश्तकारों को बताया कि उन्होंने निजी स्तर पर ऊंचाई वाले इलाके में उसर भूमि पर चाल-खाल के जरिए बारिश का पानी एकत्र कर गोभी आदि की खेती कर रहे हैं।
डोबन गांव के किसान मुकंदराम नौटियाल ने बताया कि वह पांच बीघा भूमि पर फलों के साथ ही बीज उत्पादन का कार्य कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने सिंचाई संसाधनों के अभाव और जंगली जानवरों से खेती को हो रहे नुकसान की बात कही।
कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी बीडी शर्मा ने बताया कि सरकार खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न वस्तुओं पर 50 फीसदी सब्सिडी उपलब्ध करा रही है। गोष्ठी में ब्लाक कृषि अधिकारी बीर सिंह नेगी, प्रभारी उद्यान अधिकारी अतर सिंह रावत, लघु सिंचाई के जेपी सिंह ने खेती किसानी की जानकारी दी। इस मौके पर जीत सिंह चौहान, गंभीर सिंह गुसाईं, बासुदेव खंडूड़ी, कोमल राणा, पारसमणी सेमवाल, शरत सिंह, केवल राणा, सब्बल सिंह, भौ सिंह आदि मौजूद थे।