ऋषिकेश-चंबा-धरासू हाईवे के चौड़ीकरण में आड़े आ रहे वन भूमि क्षेत्र का चिह्नीकरण का कार्य वन विभाग ने पूरा कर लिया है। पहले चरण में 11 किमी मार्ग का सर्वे कर वन विभाग ने 500 पेड़ों की सूची रिपोर्ट बीआरओ को सौंप दी है। अब ऐसे में ग्रामीणों को मुआवजा देने के बाद ही निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
चंबा-धरासू हाईवे का चौड़ीकरण कार्य लंबे समय से फाइलों में कैद था। क्योंकि चौड़ीकरण कार्य में वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के पेड़ आड़े आ रहे थे। पिछले दिसंबर में बीआरओ ने चौड़ीकरण कार्य शुरू किया, तो स्थानीय लोगों ने पेड़ काटने का विरोध किया था। पहले चरण में चंबा के निकट हड़म से रामगढ़ तक करीब 11 किमी लंबी सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। अब तक मार्ग छह मीटर चौड़ा है। चौड़ीकरण के बाद मार्ग की चौड़ाई बढ़कर 12 मीटर हो जाएगी। पेड़ काटने को लेकर लोगों के विरोध को देखते हुए बीआरओ ने पेड़ों के चिह्नीकरण कार्य की जिम्मेदारी वन विभाग को सौंपी थी, जिसे वन विभाग ने अब पूरा कर लिया है। रिपोर्ट में राजमार्ग पर विभिन्न प्रजातियों के 500 पेड़ पाए गए हैं। इनकी सूची विभाग ने बीआरओ को सौंप दी है। अब बीआरओ इस सूची के आधार पर मानक के हिसाब से ग्रामीणों को मुआवजा देगा।
बीआरओ के अनुरोध पर हड़म से रामगढ़ तक 11 किमी पर पेड़ों का चिह्नीकरण पूरा कर लिया गया है। मार्ग पर आने वाले 500 पेड़ों की सूची बीआरओ को सौंप दी गई है। अब मुआवजा देना संबंधी काम बीआरओ को करना है।
-एनएल डोभाल, रेंजर, टिहरी रेंज