प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पिलखी में हीमोफीलिया का इलाज शुरू किया गया है। पीएचसी पिलखी में उपचार की सुविधा मिलने से इस बीमारी के मरीजों को बड़े शहरों में मंहगे इलाज से राहत मिल सकेगी। अस्पताल में एक मरीज का इलाज शुरू किया गया है, जबकि चार और मरीजों ने पंजीकरण कराया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी के चिकित्साधिकारी डा. श्याम विजय ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पूरे प्रदेश में पीएचसी पिलखी पहला अस्पताल है, जहां हीमोफीलिया बीमारी का इलाज शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले इस बीमारी के मरीजों को देहरादून जाकर काफी मंहगा इलाज कराना पड़ता था, लेकिन अब ऐसे मरीजों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी में ही इलाज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हीमोफीलिया बीमारी में शरीर में चोट लगने पर खून का थक्का नहीं बनता है। साथ ही जोड़ों, घुटने और थाई में खून का एकत्रित होने लगता है। स्वास्थ्य केंद्र में एक आठ वर्षीय बच्चे का इलाज शुरू किया गया है और चार मरीजों ने पंजीकरण कराया है।