पीएमजीएसवाई की लापरवाही पड़ रही है 250 परिवारों पर भारी
गांव तक रसोई गैस, सीमेंट और खाद्यन्न सामग्री पहुंचना बना चुनौती
घनसाली (टिहरी)। गेंवाली गांव के 250 परिवारों पर पीएमजीएसवाई की लापरवाही भारी पड़ रही है। जाखणा के समीप निर्माणाधीन पुल का कार्य धीमी गति से चल रहा है, जबकि गेंवालगाड में पुल निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसी स्थिति में लोगों को एक किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर गांव पहुंचना पड़ रहा है।
सीमांत गेंवाली गांव के लिए जाखणा से छह किमी सड़क का निर्माण दो साल पहले हो चुका है, लेकिन गेंवालगाड और जाखणा में पुल का निर्माण पूरा नहीं होने से गांव में निवासरत लोगों के सामने एक किमी की पैदल दूरी तय करनी मजबूरी बनी है, जिससे ग्रामीणों में कार्यदायी संस्था के प्रति आक्रोश है।
600 की आबादी वाले गेंवाली गांव को सड़क से जोड़ने के लिए वर्ष 2018 में छह करोड़ की लागत से सड़क का निर्माण करवाया गया। छह किमी सड़क पर पड़ने वाले तीन पुलों में से दो का निर्माण नहीं हो सका, जिससे लोगों को गांव पहुंचने के लिए पैदल ही आवागमन करनी पड़ रही है। गांव के बचन सिंह, कुंदन सिंह, विक्रम सिंह, कीर्ति सिंह, गोविंद सिंह का कहना है कि पिछले माह उन्होंने एक किमी सड़क और पुलों का निर्माण पूरा करने के लिए आंदोलन शुरू किया था। तब विभागीय अधिकारियों ने गांव पहुंचकर जल्द पुल का कार्य पूरा करने का आश्वासन देकर आंदोलन को स्थगित किया था।
तब से एक माह का समय बीत चुका है, लेकिन बालगंगा नदी पर जाखणा के पास निर्माणाधीन पुल का कार्य अब भी धीमी गति से चल रहा है। कहा कि पुल निर्माण नहीं होने के कारण आधी-अधूरी सड़क निर्माण का उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। सड़क से गांव तक सीमेंट, रसोई गैस और खाद्यान्न सामग्री खच्चराें के माध्यम से ही ढोना पड़ रहा है। कहा कि यदि जल्द पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो गांव के लोग फिर से आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।
बालगंगा नदी पर जाखणा के समीप निर्माणाधीन पुल पर इस माह तक स्लैब डालने का काम पूरा कर लिया जाएगा। आपदा से गेंवाली गांव जाने वाली सड़क काफी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे गेंवालगाड में पुल निर्माण कार्य शुरू करने में विलंब हुआ है। जल्द ही वहां पर पुल निर्माण कार्य शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।
-पवन कुमार सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई टिहरी