युवा सबसे ज्यादा परेशान, चुनाव में सुविधाएं जुटाने के होते हैं वायदे, धरातल पर नहीं उतरतेनई टिहरी। मास्टर प्लान सिटी में नगर पालिका का यह पांचवां चुनाव है, लेकिन यहां आजतक खेल मैदान नहीं बन पाया है। ऐसे में अधिकतर युवा मैदान के बजाए मोबाइल पर गेम खेलने को मजबूर हैं। चुनाव के दौरान नगर क्षेत्र में हर नागरिक सुविधाएं विकसित करने के साथ ही युवाओं के लिए कई वादे किए जाते रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई भी युवा वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है।
पुरानी टिहरी में पीआईसी का खेल मैदान सहित मॉडल स्कूल का मैदान, प्रदर्शनी मैदान, आजाद मैदान और दोबाटा का खेल मैदान था, जहां खिलाड़ी सुबह-शाम तैयारी करते थे। टिहरी के बदले बसाई गई नई टिहरी में बौराड़ी स्टेडियम के अलावा इन 25 सालों में कोई दूसरा मैदान नहीं बन पाया है। विपरीत भौगोलिक परिस्थिति वाले नगर क्षेत्र के हर युवा का बौराड़ी स्टेडियम में खेलने जाना खासा मुश्किल है। समय-समय पर यहां नए खेल मैदान बनाने की मांग उठती रही है, लेकिन चुनाव में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले युवाओं की वह हसरत अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इससे अधिकतर युवा वर्ग मोबाइल गेम के चंगुल में फंसकर घर में कैद हैं।
स्थानीय युवक विपिन सिंह, समीर सिंह और राहुल पंवार कहते हैं कि आसपास कहीं खेल मैदान नहीं होने के कारण नहीं खेल पाते हैं, जबकि क्रिकेट खिलाड़ी शुभम मेहरा का कहना है कि नई टिहरी में कहीं खेल मैदान नहीं होने के कारण उसे बौराड़ी स्टेडियम जाना पड़ता है। वहां ज्यादा दूर होने से ज्यादा समय आने-जाने में ही बीत जाता है।