प्रतिबंधित क्षेत्र टिहरी झील किनारे कोटीगाड़ में रेत के अवैध कारोबारियों पर कंडीसौड़ तहसील प्रशासन नकेल नहीं कस पा रहा है। इसका प्रमुख कारण तहसील से सूचनाएं पहले ही लीक होना माना जा रहा है। सोमवार शाम को तहसीलदार ने टीम के साथ अवैध खनन वाले स्थान पर छापा मारा, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही खनन कारोबारी भाग निकले।
कोटीगाड़ में 10 नाली भूमि पर रेत का खनन करने लिए 28 मई 2015 को पांच साल के लिए खनन पट्टा स्वीकृत हुआ है, लेकिन खनन स्वीकृत पट्टे की नाप भूमि पर न होकर वहां से आगे 100 मीटर दूर बेनाप भूमि पर किया जा रहा है। अवैध खनन होने की शिकायत पर 21 अप्रैल को भी तहसीलदार ने छापा मारा था, लेकिन उस दिन भी खनन कारोबारी पहले ही भाग निकले थे।
बीती शाम को तहसील प्रशासन को फिर से अवैध खनन की शिकायत मिली। तहसीलदार सुंदर लाल लेखवार खुद टीम के साथ कोटीगाड़ पहुंचे, लेकिन उस वक्त वहां उन्हें कोई नहीं मिला। तहसीलदार लेखवार ने बताया कि मौके का निरीक्षण करने पर पाया गया कि नाप भूमि के बजाय बेनाप भूमि पर लगभग तीन नाली भूमि से रेत निकाली गई। खनन करने के लिए बनाई गई सड़क को जेसीबी की मदद से बंद कर दिया गया है।