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तीनों कृषि संशोधन कानून खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा

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अखिल भारतीय किसान सभा ने अपना 85वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जो तीन कृषि कानून जबरन थोपे हैं। उनके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। कहा कि इन कानूनों के लागू होने से देश की खाद्य सुरक्षा खतरे की जद में है।
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थौलधार ब्लॉक के किरगणी में मंडल कमेटी के अध्यक्ष कामरेड गुलाब सिंह कठैत की अध्यक्षता और कोषाध्यक्ष कृष्णा कठैत के संचालन में गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें मुख्य वक्ता जिला सचिव भगवान सिंह राणा ने कहा कि 11 अप्रैल 1936 को किसान सभा की स्थापना हुई थी। कहा कि इन 85 वर्षों में कई स्वर्णिम अवसर और संघर्ष के दौर से गुजरे हैं, लेकिन वर्तमान में केंद्र की मोदी सरकार के ओर से थोपे गए तीन कृषि कानून किसान हित में नहीं है। इस मौके पर मंगल कठैत, जवाहर लाल बडोनी, जशोदा सजवाण, शौका पुरसोड़ा, कमली सजवाण, कौशल्या कठैत, आशा कठैत, किशनी रणावत, सविता राणा, शकुंतला कठैत, कमला देवी, हिकमत कठैत, बैशाख सिंह कठैत, विक्रम कठैत, दर्मियान कठैत, शशी कठैत आदि थे।
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