जन विकास परिषद के बैनर तले चमियाला में शराबबंदी को लेकर जन जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल महिलाओं ने कहा कि जिस घर में मेंहदी रस्म और विवाह समारोह में शराब परोसी जाएगी, उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने के साथ ही महिला कीर्तन मंडली उस घर में नहीं जाएगी।
अभियान को सफल बनाने के लिए पहले चरण में जिस घर में विवाह रस्म होनी है, उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि कार्यक्रम में शराब परोसी गई, तो समारोह में कोई शामिल नहीं होगा।
जन विकास परिषद की ओर से लंबे समय से 11 सूत्री मांगों के निराकरण को जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पहले चरण में क्षेत्र में शराबबंदी अभियान शामिल किया गया है, जिसकी बागडोर महिलाओं ने अपने हाथों में ली है।
महिलाओं ने सबसे पहले क्षेत्र में विवाह और अन्य कार्यक्रमों में शराब को पूरी तरह से बंद करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए रैली के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जा रही है। सोमवार को उन्होंने चमियाला में रैली निकालकर शराबबंदी का संदेश देने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए युवाओं और महिलाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जिस गांव और घर में शराब परोसी जाएगी, उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। परिषद के संयोजक चंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि महिलाओं और युवाओं के आगे आने से ही अभियान सफल होगा। रैली में केशर सिंह, सुंदर सिंह कठैत, अरुणोदय सिंह नेगी, शिवेंद्र रतूड़ी, पूरण सिंह, गिरी महाराज, धर्म सिह बिष्ट, बैशाखी देवी, ममता, सरोजनी, नीलम देवी, कविता और सरिता आदि शामिल थे। ब्यूरो