राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष वीपी सिंह रावत के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाल किए जाने की मांग को लेकर रविवार को मोर्चा से जुडे़ कार्मिकों ने अपने-अपने घरों पर परिवार समेत उपवास किया। साथ ही समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
रविवार को जिलेभर में मोर्चा से जुड़े कर्मियों ने परिवार के सदस्यों के साथ घरों में उपवास कर सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा सरकार को चाहिए कि उनकी न्यायसंगत मांग पर तत्काल निर्णय लेकर उन्हें बुढ़ापे में सम्मान जनक जीवन यापन के लिए पुरानी पेंशन बहाल करे। टिहरी में मोर्चा के सुशील तिवारी ने बताया कि सरकार को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग पूरा करने को लेकर लंबे समय से अभियान चलाए रखा है, लेकिन अभी तक इस प्रकरण पर कोई कार्रवाई न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उपवास रखने वालों में जितेंद्र बिष्ट, अनिल बड़ोनी, जीतपाल रमोला, दिनेश रावत, मक्खन लाल शाह, अनामिका डंगवाल, अनुसुया राणा आदि शामिल थे।
उधर, पौड़ी में संगठन के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांग को गंभीरता से नहीं ले रही है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार मात्र पांच साल के कार्यकाल वाले जनप्रतिनिधियों को पेंशन के नाम पर अच्छी धनराशि देती है, लेकिन जो कर्मचारी 25 से 30 वर्ष सरकारी सेवा करते हैं उन्हें पेंशन नहीं दी जा रही है।
उधर, कोटद्वार में संघ के जिला मंत्री मनमोहन चौहान ने बताया कि रविवार को मंच से जुड़े सभी शिक्षक, कर्मचारी अपनी परिवारों के साथ भूख हड़ताल पर रहे। उन्होंने कहा कि अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम लागू की गई है। नई पेंशन स्कीम म्यूचुअल फंड पर आधारित है, जिसे कर्मचारी परेशान है। भूख हड़ताल करने वालों में मुकेश रावत, पंकज ध्यानी, डबल सिंह रावत, बिजेंद्र बिष्ट, बिजेंद्र तोमर, आशीष खर्कवाल, महेश कुकरेती, रतन रावत, सुमनलता रावत, अतुल कुकरेती, अनीता रावत आदि शामिल रहे। संवाद