जिले में दो दिन से लगातार हो रही झमाझम बारिश से टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने लगा है। दो दिन में झील का जलस्तर दो मीटर बढ़कर आरएल 775 मीटर पहुंच गया है। झील में नदियों से 15 सौ क्यूमेक्स पानी आ रहा है। जबकि झील से नदी के ओर 190 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
सोमवार को भागीरथी, भिलंगना नदी से छह-छह सौ और सहायक नदियों से तीन सौ क्यूमेक्स पानी का आ रहा है। इससे झील का जलस्तर दो मीटर बढ़ गया है। रविवार को जलस्तर आरएल 773 मीटर था, जो बढ़कर 775 मीटर पहुंच गया है। झील से 190 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि बांध से साढ़े छह मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है। टीएचडीसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बारिश से झील के जलस्तर में और वृद्धि होगी। इससे विद्युत उत्पादन में भी इजाफा होगा। लेकिन, जैसे-जैसे झील का जलस्तर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बांध प्रभावितों की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं। वर्ष 2010-11 में हुए भूस्खलन के कारण झील क्षेत्र के दर्जनों गांव प्रभावित हुए थे। करीब 415 परिवारों को पुनर्वास के लिए चिह्नित किया गया था। लेकिन, प्रभावितों का पुनर्वास नहीं हुआ है।