मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को यहां 8.43 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। इस मौके पर क्षेत्रवासियों ने प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र की उदयकोट एवं जुआपट्टी की 27 ग्राम पंचायतों को ओबीसी घोषित किए जाने पर मुख्यमंत्री को चांदी का मुकुट पहनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी झील के आसपास के गांवों को पर्यटक ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा।
अगान ग्राम पंचायत में पौराणिक शिव मंदिर के पास खाली पड़े स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर उसे जनप्रतिनिधि देवेंद्र शास्त्री के नाम पर रखने और ठांगधार-वल्काखाल मोटर मार्ग के निर्माण की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की। ग्राम पंचायत सेलूर में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने 5.50 करोड़ की लागत के कांडीखाल पालीटेक्निक भवन और 2.93 करोड़ से रमसा के तहत प्रतापनगर में प्रस्तावित बालिका छात्रावास और राजीव गांधी अभिनव आवासीय विद्यालय का शिलान्यास किया।
उन्होंने प्रतापनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का नाम प्रसिद्ध समाजसेवी भवानी भाई के नाम से करने के साथ ही डोबरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी की कार्यप्रणाली की भी सराहना की। कहा कि वर्ष 2018 तक राज्य के सभी गांवों को सड़क से जोड़ा जाएगा।
इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज राणा, आयुक्त गढ़वाल एवं सचिव सूचना विनोद शर्मा, डीएम इंदुधर बौड़ाई, एसएसपी नारायण सिंह नपल्च्याल, प्रवीण भंडारी, मूर्ति सिंह नेगी, राकेश राणा, कुलदीप पंवार, नरेंद्र रमोला, उदय रावत, महिला जिलाध्यक्ष दर्शनी रावत, देवी सिंह पंवार, प्रधान कमलेश्वरी डबराल आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री के स्वागत को कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूरज राणा, महिला जिलाध्यक्ष दर्शनी रावत, ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र चंद्र रमोला, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सौरभ तड़ियाल और शहर अध्यक्ष राजेश्वर बडोनी हेलीपैड की ओर जा रहे थे, तभी नई टिहरी कोतवाल ने उन्हें जाने से रोक दिया। इस पर कार्यकर्ता भड़क उठे। हालांकि बाद में जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को शांत किया। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष ने सीएम को ज्ञापन सौंपकर कोतवाल हटाने की मांग की।