कटाल्डी के सचिन लखेड़ा हत्याकांड के दोषियों की गिरफ्तारी को बाद हाईवे जाम करने के आरोप में जेल में बंद भाजयुमो जिलाध्यक्ष संदीप रावत और भाजपा नेता संजय मैठाणी को बृहस्पतिवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया, लेकिन उनकी ओर से जमानत प्रार्थनापत्र नहीं देने पर कोर्ट ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
मामले में मृतक सचिन के ससुर उपेंद्र दत्त उनियाल ने भी कोर्ट में आत्मसमर्पण प्रार्थना पत्र पेश किया। कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र के अभाव में उन्हें भी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
नवंबर 2014 में चंबा ब्लॉक के कटाल्डी गांव निवासी सचिन लखेड़ा के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिसंबर में भारी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीणों ने चंबा-ऋषिकेश हाईवे को नागणी के पास जाम किया था। जाम लगाने के आरोप में पुलिस ने संदीप रावत, संजय मैठाणी समेत कई ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। न्यायालय ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध बिना जमानती वारंट जारी किया। 22 अगस्त को पुलिस ने चंबा से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर सीजेएम चंद्रमणी राय की अदालत में पेश किया, लेकिन संदीप एवं संजय ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल नहीं किया है, जिससे सीजेएम ने दोनों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को भी दोनों आरोपियों ने जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल नहीं किया, जिसके बाद उन्हें 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है।