जिला पंचायत की बैठक में वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 32 करोड़ 65 लाख 32 हजार 140 रुपये का बजट पारित किया गया। वर्ष 2015-16 का 24 करोड़ 74 लाख 28 हजार और 205 रुपये का पुनरीक्षित बजट अनुमोदित किया गया। पिछड़ा क्षेत्र विकास निधि में बजट नहीं मिलने पर सदस्यों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। राज्य वित्त के अंतर्गत अब सदस्यों को एक लाख से कम के प्रस्ताव नहीं देने होंगेे।
बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट पर चर्चा की गई। आपदा से क्षतिग्रस्त हुए रास्तों, पुलों और पेयजल योजनाओं का मरम्मत नहीं होने पर सदस्यों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया।
सदस्यों ने कहा कि जो प्रस्ताव वे जिला पंचायत को दे रहे हैं, उनकी धनराशि में अनावश्यक कटौती जिला पंचायत कर रहा है। जिस पर अध्यक्ष सजवाण ने कहा कि राज्य वित्त के अंतर्गत अब कोई भी सदस्य एक लाख से कम के प्रस्ताव न दे, क्योंकि अब सदस्यों के प्रस्तावों को संशोधित नहीं किया जाएगा।
जिन योजनाओं में भूमि विवाद और वन भूमि का विवाद होगा उन्हें ही संशोधित किया जाएगा। राज्य वित्त की योजनाओं के प्रस्ताव अप्रैल प्रथम सप्ताह तक उपलब्ध कराने को कहा। ग्राम सभाओं, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और विकास खंड से भी योजनाओं की स्वीकृति लेकर 15 अप्रैल तक जमा कर दे। बैठक में उपाध्यक्ष श्याम सिंह पंवार, सदस्य राजेश्वरी जोशी, राजेंद्र सिंह बिष्ट, आनंद रावत, शांति शाह, मुरारी लाल खंडवाल, रागिनी भट्ट, केदार बत्र्वाल, परमवीर पंवार, उदय रावत, बीना सजवाण, अखिलेश उनियाल, जमुनावती नौटियाल आदि उपस्थित थे।