प्रधान संगठन ने न्याय पंचायत स्तर पर खोले गए सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) को ग्राम पंचायत के खाते से 2500 रुपये प्रति माह भुगतान करने के विरोध में अपने-अपने घरों पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह आदेश जल्द वापस नहीं लिया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रधान संगठन के अध्यक्ष रविंद्र राणा ने कहा कि शुक्रवार को जिले के सभी प्रधानों ने पंचायत घर और अपने आवास पर एक घंटे तक धरना दिया। उन्होंने बताया कि शनिवार को संगठन के सभी ब्लाक अध्यक्ष पंचायती राज अधिकारी का घेराव करेंगे। धरना देने वालों में संगठन के जिलाध्यक्ष सहित महामंत्री दिनेश भजनीयाल, ललित सुयाल, सुंदर सिंह रावत, सुधीर बहुगुणा, चंद्रशेखर पैन्यूली, लोकपाल कंडियाल, जवाहर पंवार, धन सिंह सजवाण, रंजीत भंडारी, शोभा बडोनी, सोबन सिंह चौहान, गबर नेगी, पुष्पा रावत, बीना नेगी, अनिता कोठरी आदि शामिल रहे।
प्रधानों ने दूसरे दिन भी ब्लॉक दफ्तर में की तालाबंदी
कर्णप्रयाग/देवाल/गैरसैंण। प्रधान संगठन का 12 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। उन्होंने ब्लॉक दफ्तर में तालाबंदी कर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। कर्णप्रयाग में सुशील चंद्र, गौतम मिंगवाल, दीपक सिंह, हेमा देवी, विनोद कुमार, बीना देवी, गणेश लाल, लक्ष्मी मैखुरी, महेंद्र कुमार, देवाल में राजेंद्र बिष्ट, मनोज कुमार, उर्वा दत्त, खीम राम, पदिमा देवी, गमोती देवी, गैरसैंण में प्रधान नंदूराम, चंदन सिंह, इंद्रा देवी, भागीरथी नेगी, मंजू देवी, पुष्पा देवी, रेवती बिष्ट, लीलाधर जोशी, प्रेमबल्लभ, सुरेंद्र रावत, पान सिंह आदि ने मांगों के समर्थन में आंदोलन कर नारेबाजी की। संवाद