दंत रोग के उपचार के लिए मरीज निजी क्लीनिक में जाने को मजबूर
थत्यूड़ (टिहरी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थत्यूड़ में दंत चिकित्सक का पद एक वर्ष से खाली पड़ा है। दांत संबंधी रोग के उपचार के लिए मरीजों को निजी क्लीनिक का रुख करना पड़ रहा है। जहां पर दांतों के लिए इलाज के लिए लोगों को अधिक पैसा खर्चा करना पड़ता है।
जौनपुर ब्लॉक के पूर्व उप ज्येष्ठ प्रमुख महिपाल सिंह रावत, सेवानिवृत कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष खेमराज भट्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष अध्यक्ष अकबीर पंवार ने कहा कि सीएचसी थत्यूड़ में डॉक्टरों के 10 पद स्वीकृत है, लेकिन मात्र 5 डॉक्टर ही कार्यरत है। सीएचएसी पर जौनपुर ब्लॉक की करीब 80 हजार की आबादी निर्भर है लेकिन समुचित स्वास्थ्य सुविधा के अभाव होने के कारण लोगों को देहरादून, मसूरी तथा जिला अस्पताल टिहरी का रुख करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सीएचसी में गत एक वर्ष से दंत चिकित्सक न होने से लोगों को दांतों के इलाज के इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। मजबूरन लोगों को निजी क्लीनिकों पर जा कर इलाज करना पड़ रहा है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने शासन-प्रशासन से सीएचसी थत्यूड़ में खाली पड़े पदों पर डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठाई है।
इस बाबत सीएचसी की प्रभारी डॉक्टर मनीषा भारती ने बताया कि गत वर्ष पूर्व दंत चिकित्सक नियुक्ति हुई थी लेकिन वह कुछ माह बाद पीजी की पढ़ाई करने चले गए। अन्य सभी खाली पदों पर डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पूर्व में सूचना भेजी गई जा चुकी है। डॉक्टरों की नियुक्ति शासन स्तर से संभव है।