पिलखी और घनसाली बस अड्डा परिसर में धरने पर डटे रहे लोग
घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के रिक्त पदों पर तैनाती करने, प्रसव के बाद मृत महिलाओं के परिजनों को मुआवजा देने, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर को उप जिला अस्पताल बनाने की मांग को लेकर आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। मांग के समर्थन में पिलखी अस्पताल और घनसाली बस अड्डा परिसर दोनों जगह लोग धरने पर डटे रहे।
बीते दिनों प्रसव के बाद अनीशा रावत व रवीना कठैत की मौत के बाद क्षेत्र के लोग लगातार भिलंगना क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की लचर स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में आंदोलनरत हैं। मांग के समर्थन में पिलखी अस्पताल और घनसाली बस अड्डा परिसर दो अलग-अलग स्थानों पर लोग धरने पर बैठे हुए हैं।
भिलंगना के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरोंं की नियुक्ति करने, डॉक्टरों के रिक्त पदों पर तैनाती करने, मृतक महिलाओं के परिजनों को 20-20 लाख मुआवाजा देने सहित अन्य मांगों को आंदोलनरत है। उनका कहना है कि समस्याओं का समाधान न होने तक उनका आंदोलन चलता रहेगा। पिलखी अस्पताल परिसर में जिला पंचायत सदस्य विक्रम घणाता, संदीप आर्य, अजय कंसवाल, पुरुषोत्तम, लक्ष्मी पंवार, विनोद लाल, सुनीता रावत धरने पर बैठे रहे। बस अड्डा परिसर में पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, स्नेह कैलाश बडोनी, जसवीर सिंह नेगी आदि धरने पर बैठे रहे।
बेलेश्वर अस्पताल को मिली स्त्री रोग विशेषज्ञ
नई टिहरी। भिलंगना क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश की ओर से बुधवार को जारी आदेश में डॉ. पूर्वी भट्ट स्त्री रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय बौराड़ी को जनहित में अस्थायी व्यवस्था के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर में तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में महिला डॉक्टर की तैनाती न होने से गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए देहरादून, ऋषिकेश, श्रीनगर व नई टिहरी जाना पड़ रहा है। अब डॉ. पूर्वी भट्ट की तैनाती से बेलेश्वर और आसपास के गांवों की महिलाओं को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। संवाद