लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर ब्लाॅक में शराबबंदी मुहिम रंग ला रही है। वहां आए दिन कोई न कोई गांव शराबबंदी आंदोलन में शामिल होकर नशा मुक्त समाज का हिस्सा बन रहे हैं। छह-सात गांवों के बाद बुधवार को उपली रमोली का घोड़पुर और ओनालगांव भी इसमें शामिल हो गए हैं। घोड़पुर के ग्रामीणों ने देवता के मंदिर में बैठक कर सर्वसम्मत से गांव में शराब पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। पंचायत के फैसला नहीं मानने पर सामाजिक बहिष्कार कर 51 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रतापनगर ब्लाॅक क्षेत्र में इन दिनों शराबबंदी आंदोलन चरम पर है। ग्रामीण गांव-गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शराब के दुष्परिणाम बताकर शराबबंदी मुहिम में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। क्षेत्र में इसका असर भी दिख रहा है। बुधवार को ग्राम पंचायत घोड़पुर के नागराजा मंदिर में ग्राम प्रधान भागा देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि गांव में होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब नहीं परोसी जाएगी। पूर्व शिक्षक जबर सिंह नेगी ने कहा कि विवाह में शराब परोसने की परंपरा से भावी पीढ़ी खासी प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश राणा ने कहा कि घोड़पुर की पंचायत ने सराहनीय निर्णय लिया है। प्रतापनगर ब्लाॅक की हर ग्राम पंचायत को शराब बंदी मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए। बैठक में जोत सिंह नेगी, बलवीर सिंह नेगी, शूरवीर सिंह, भगवान सिंह, शिव सिंह, प्रताप सिंह, लाखी सिंह, मुकुंद सिंह आदि मौजूद थे।
उधर ओनालगांव में हुई बैठक में भी शादी समारोह व अन्य कार्यक्रम में शराब पीने और पिलाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। गांव के प्रधान नत्थी सिंह राणा ने बताया कि पंचायत की बैठक में सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया है कि कोई भी परिवार शादी व अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में फैसले के विपरीत कार्य करेगा। उस परिवार के शादी व अन्य समारोह में गांव का कोई व्यक्ति शामिल नहीं होगा। उस परिवार का सामाजिक बहिष्कार भी किया जाएगा।