घनसाली/कंडीसौड़/ लंबगांव। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ठंड बढ़ने के साथ खेतों में तैयार फसल के खराब होने की संभावना बढ़ गई है। काश्तकारों ने क्षतिग्रस्त फसलों के मुआवजे की मांग की है।
दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण तापमान में गिरावट आ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों धान,मंडवा, झंगोरा, चौलाई, विभिन्न प्रकार की दालों की फसलें खेतों में पक कर तैयार है। जिला पंचायत सदस्य विक्रम घणाता, धनपाल बिष्ट, प्रियंका बसन्वाल, संदीप कुमार, अमित जोशी आदि का कहना कि दो दिन से हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के काश्तकारों की परेशानी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों ने धान की फसल काटकर खेतों में एकत्रित की हुई है, खेतों में बारिश का पानी भरने से काटी गई और खड़ी फसल खराब होने लगी है। क्षेत्र के अधिकांश लोगों की आजीविका खेती पर निर्भर है। पहले जंगली जानवर और अब मौसम की मार के कारण ग्रामीणों के सामने आजीविका संकट खड़ा हो गया है।
मौसम ने काश्तकारों की 6 माह की मेहनत पर पानी फिर दिया है। वहीं थौलधार ब्लॉक के ग्रामीण भी बारिश से परेशान है। क्षेत्र पंचायत सदस्य नत्थीलाल, प्रेम सिंह राणा, गोविंद सिंह नेगी, रतनमणी उनियाल, जसोदा देवी आदि का कहना कि बारिश से खेतों में पकी फसलें पूरी तरह से खराब होने किसान परेशान है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कर्मियों भेजकर क्षतिग्रस्त फसलों का आंकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
बारिश के कारण लोग अपने पालतू जानवरों के लिए चारा पत्ती लेने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ठंड बढ़ने से लोगों के कामकाज पर भी बुरा असर पड़ा है। इधर, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने बारिश से फसलों का हुअ नुकसान का सर्वे कर जल्द किसानों को मुआवजा देेने की मांग की है।