जौनपुर क्षेत्र के काश्तकार नकदी फसलों की नहीं कर पा रहे हैं बुवाई
नैनबाग (टिहरी)। बारिश और बर्फबारी नहीं होने से काश्तकारों को खेती और बागवानी की चिंता सताने लगी है। वहीं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में भी निराशा बनी है।
जौनपुर क्षेत्र के नागटिब्बा, ऐंदी, श्रीकोट, पंतवाड़ी, जयद्वार, त्याड़ा फल पट्टी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले किसान बारिश और बर्फबारी के न होने से फसल मटर, मसूर, गेहूं, जो के साथ नगदी फसल मटर, बंद गोभी, राई, पालक आदि की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। जयद्वारा गांव के काश्तकार विक्रम सिंह कैंतुरा, शरण सिंह पंवार ने बताया दिसंबर माह में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो जाती थी। इस बार आधा जनवरी माह गुजरने वाला है, लेकिन बर्फबारी तो दूर बारिश के आसार भी नहीं दिखाई दे रहे हैं।
सेब, आडू, खुमानी आदि के पेड़ों पर कलियां नहीं आ पा रही है। बारिश और बर्फबारी न होने क्षेत्र में सूख जैसी स्थिति बन गई है, मौसम की मार का असर काश्तकारों की आजीविका पर पड़ने लग गया है। क्षेत्र में कई गांवों में काश्तकार बागवानी, सब्जी आदि का उत्पादन कर परिवार की आजीविका चलते हैं। बारिश और बर्फबारी न होने का असर सीधे काश्तकारों की आजीविका पर पड़ेगा। उन्होंने शासन-प्रशासन को जौनपुर क्षेत्र को सूखा ग्रस्त घोषित कर देना चाहिए।
इधर पर्यटन व्यवसाय से जुड़े युद्धवीर सिंह रावत, बलवीर सिंह, स्वराज कवि ने बताया समय पर बर्फबारी न होने से जौनपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नागटिब्बा में सीमित संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। होटल, होमस्टे संचालक कर्मचारियों का वेतन और खर्चा भी नहीं निकाल पा रहे हैं। आगामी कुछ दिनों में बारिश और बर्फबारी नहीं होती है, पर्यटन व्यवसाय चौपट हो जाएगा।