गोना गांव में 11 दिवसीय अर्द्धकुंभ मेले की शुरुआत
घनसाली (टिहरी)। गोनगढ़ पट्टी के गोना गांव में बुधवार से मां ज्वाल्पा देवी का 11 दिवसीय अर्द्धकुंभ मेला विधि-विधान के साथ शुरू हो रहा है। छह वर्ष बाद मां ज्वाल्पा देवी की डोली गर्भगृह से बाहर आई है जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल बना है।
मंगलवार को वैदिक मंत्रोच्चारण और जयकारों के बीच मां ज्वाल्पा देवी की डोली को गर्भगृह से बाहर लाया गया। गर्भगृह से बाहर आकर श्रद्धालुओं के साथ डोली मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के लिए उत्तरकाशी रवाना हुई। गंगा स्नान के बाद बुधवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में डोली स्नान संपन्न कर अपने मूल थान ग्राम सभा गोना में विधिवत प्रवेश करेगी। इसके साथ ही अर्द्धकुंभ मेले का शुभारंभ होगा।
ग्राम सभा गोना में मां ज्वाल्पा देवी का प्राचीन मंदिर स्थित है। लोक मान्यता के अनुसार मां ज्वाल्पा देवी की डोली प्रत्येक छह वर्ष में एक बार गर्भगृह से बाहर आकर यात्रा पर निकलती है जिसे क्षेत्र में अर्द्धकुंभ मेले के रूप में मनाया जाता है। यह आयोजन गोनगढ़ पट्टी की धार्मिक परंपराओं में विशेष स्थान रखता है। 14 से 24 जनवरी तक आयोजित होने वाले इस अर्द्धकुंभ मेले के दौरान गोना गांव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। साथ ही स्थानीय स्कूलों के बच्चों और लोक गायकों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी जाएगी।
मेले के दौरान मां ज्वाल्पा देवी की डोली प्रतिदिन गोनगढ़ पट्टी के गांवों का भ्रमण करेगी। सुबह एक गांव में दर्शन देने के बाद डोली शाम को अपने गर्भगृह लौटेगी। अर्द्धकुंभ मेले को लेकर गोना गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस मौके पर मेले के संरक्षक बादर सिंह असवाल, संयोजक विजेंद्र सिंह बसंवाल, शंकर सिंह रावत, बचन सिंह रावत, चंद्र सिंह रावत, गोविंद सिंह, मकान सिंह रावत, मंगल सिंह नेगी, महावीर लाल, पुरुषोत्तम सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।