ट्रीटमेंट होने तक अस्थायी व्यवस्था कर पानी पहुंचाने की मांग कर रहे काश्तकार
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में आपदा से क्षतिग्रस्त खांड-बिड़कोट नहर पर पानी नहीं चलने से काश्तकार परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सितंबर में आपदा से क्षतिग्रस्त हुई नहर पर फिलहाल अस्थायी व्यवस्था कर पानी चलाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन सिंचाई विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इससे गेहूं की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
नगुण पट्टी के खांड-बिड़कोट की नहर एनएच और ऑलवेदर रोड से टूटने के कारण करीब 15 साल बाद बनी थी लेकिन सालभर बाद ही आपदा के समय सितंबर माह में नहर हेड से करीब 50 मीटर क्षतिग्रस्त हो गई। काश्तकार बचन सिंह चौहान और रूपराम ने बताया कि अत्यधिक बारिश के कारण ढिक्यारा गदेरा उफान पर आने के कारण नहर का हेड काफी क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई थी।
बारिश थमने के बाद से लगातार सिंचाई विभाग से स्थायी ट्रीटमेंट कार्य शुरू होने तक अस्थायी व्यवस्था कर सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था करने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे काश्तकारों को सूखे खेतों में ही गेहूं की बुवाई करनी पड़ी है। ग्रामीणों ने कहा कि विभाग अस्थायी व्यवस्था कर पानी पहुंचा देता तो काश्तकारों की समस्या फिलहाल हल हो जाती लेकिन लगातार कहने के बाद भी विभाग चुप बैठा है।
अधिशासी अभियंता अनूप कुमार डियूंडी ने कहा कि नहर की मरम्मत के लिए शासन को ढ़ाई लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। धनराशि स्वीकृत होते ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। अस्थायी व्यवस्था बनाने के लिए सहायक अभियंता को शीघ्र ही साइट पर भेजा जाएगा।