पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और चक्का जाम जैसी समस्या से निपटने के लिए शनिवार को कार फ्री डे का असर दिखा। शनिवार को डीएम ज्योति नीरज खैरवाल और अन्य अधिकारी-कर्मचारी पैदल ही अपने कार्यालय पहुंचे, लेकिन कुछ अधिकारी कार से ही कार्यालय पहुंचे।
डीएम खैरवाल ने छह अप्रैल को प्रत्येक शनिवार को कार फ्री-डे मनाने की घोषणा की थी। अधिकारी-कर्मचारियों को इसका पालन करने के निर्देश जारी किए गए थे। नगर क्षेत्र को प्रदूषण मुक्त, जाम से निजात मिलेर्गी।
इंधन की बचत के साथ-साथ राजकीय व्यय में भी कमी आने के उद्देश्य से प्रत्येक शनिवार को कार फ्री डे मनाने का निर्णय लिया गया है। आदेश जारी होने के बाद पहले शनिवार 16 अप्रैल को इसका असर ज्यादा देखने को नहीं मिला।
उस दिन अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी कार से ही कार्यालय पहुंचे थे। अमर उजाला ने 17 अप्रैल को खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन आज शनिवार को डीएम, एडीएम, एसडीएम सहित अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी पैदल ही अपने कार्यालय पहुंचे।
जिला आबकारी अधिकारी डीजी गोस्वामी आज भी कार से ही कार्यालय पहुंचे। डीएम खैरवाल ने कहा कि शनिवार को पैदल कार्यालय पहुंचने के लिए आदेश नहीं है। यह एक अपील और अनुरोध है। कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मजबूरी हो सकती है कि वे पैदल नहीं आ सकते हैं।