कम मानदेय देकर मातृ शक्ति का शोषण करने का आरोप लगाया
नरेंद्रनगर (टिहरी)। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दो सूत्री मांग को लेकर तीसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहीं। बाल विकास कार्यालय में धरना देते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार उन्हें सबसे कम मानदेय देकर मातृ शक्ति का शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि मानदेय बढ़ाने और पेंशन का लाभ देने की मांग पूरी होने तक आंदोलन चलता रहेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से मानदेय बढ़ाने और सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पेंशन का लाभ देने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 18 नवंबर से बाल विकास कार्यालय में धरना-प्रदर्शन करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे सरकार की ओर से दिए जाने वाले सबसे कम पारिश्रमिक पर कार्य कर रही हैं।
इस महंगाई के दौर में जहां सभी कार्मिकों को आठवें वेतनमान का लाभ देने की तैयारी की जा रही है। ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नौ हजार रुपये के मानदेय में कैसे गुजर-बसर कर सकती है। सरकार हमसे पूरा कार्य ले रही है। जनगणना, चुनाव और कई राष्ट्रीय कार्यों में भी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाती है जिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पास छोटे बच्चों का कुपोषण दूर करने की जिम्मेदारी है वह खुद कुपोषित रहकर अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन कर रही है।
आंदोलन करने पर सरकार मातृ शक्ति को झूठा आश्वासन देकर गुमराह कर रही है जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में प्रदेश सरकार के प्रति कड़ा रोष बना है। उन्होंने सीएम को भेजे ज्ञापन में 24 हजार मानदेय देने, पेंशन का लाभ देने और पंजीकरण का फेस कैप्चर रिपोर्ट सालभर में एक बार मांगने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों में ब्लॉक अध्यक्ष शीला भट्ट, ब्लॉक मंत्री रश्मि असवाल, कोषाध्यक्ष मंजू भट्ट, उपाध्यक्ष रजनी रौतेला, सरिता कोठियाल, अंजू सकलानी और अनीता तड़ियाल आदि शामिल थी।