घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक के विनयखाल के ठांगधार में क्षेत्रवासियों का राजकीय महाविद्यालय खोलने का सपना साकार नहीं हो पा रहा है। वर्षों से क्षेत्रवासी महाविद्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिलने से ग्रामीणों के सपने अधूरे रह गए। छात्रों को स्नातक में प्रवेश लेने के लिए 40 किमी दूर बालगंगा महाविद्यालय का रुख करना पड़ रहा है।
बासर और थाती पट्टी के मध्य में स्थित ज्वालामुखी मंदिर परिसर में वर्ष 2007 में स्थानीय लोगों के प्रयासों ने निजी महाविद्यालय की स्थापना की गई थी। जहां बीए की कक्षाएं संचालित होती थी। कुछ वर्षा बाद स्थानीय लोगों ने ठांगधार में चार कमरे तैयार कर वहां महाविद्यालय का संचालन किया। बीए की कक्षाएं इस महाविद्यालय में संचालित होती थी और परीक्षा देने छात्र-छात्राएं बालगंगा महाविद्यालय में जाया करते थे।
2017 में श्रीदेव सुमन विवि से प्राइवेट परीक्षाएं बंद होने के बाद उत्तराखंड मुक्त विवि को प्राइवेट परीक्षा की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही यह महाविद्यालय भी बंद हो गया। महाविद्यालय संचालन के लिए ज्वालामुखी महाविद्यालय शिक्षा प्रसार समिति का गठन भी किया गया था। कुडियाली और सौला गांव के लोगों ने महाविद्यालय के लिए 20 नाली भूमि भी दान दी थी।
गत वर्ष उच्च शिक्षा निदेशक के निर्देश पर श्रीदेव सुमन विवि की पैनल टीम ने ठांगधार पहुंचकर महाविद्यालय के लिए भूमि और भवन का जायजा लेकर रिपोर्ट शासन को भेजी थी। तब से एक साल बीत चुका है, लेकिन महाविद्यालय खोलने की कवायद आगे नहीं बढ़ पाई है। ज्वालामुखी महाविद्यालय शिक्षा प्रसार समिति ठांगधार विनयखाल के अध्यक्ष वीरेंद्र सेमवाल, सचिव राम प्रसाद सेमवाल ने बताया कि महाविद्यालय खोलने के लिए शासन को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। शासन स्तर से कोई जवाब नहीं मिला है। उम्मीद है कि सरकार नए सत्र से ठांगधार में राजकीय महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति देगी।