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Tehri News: टिहरी बांध प्रभावितों ने खैट पर्वत पर शुरू की भूख हड़ताल

Thu, 18 Jun 2026 07:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
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टिहरी बांध की रॉयल्टी प्रभावित क्षेत्रों में खर्च करने और निशुल्क बिजली-पानी देने की मांग
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110 दिनों से बौराड़ी स्थित गणेश चौक में बैठे थे धरने पर
नई टिहरी। टिहरी बांध से मिलने वाली रॉयल्टी का लाभ बांध प्रभावित क्षेत्रों को दिए जाने, प्रभावित परिवारों को निशुल्क बिजली-पानी उपलब्ध कराने और अन्य लंबित मांगों के समर्थन में टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा ने आंदोलन को और तेज कर दिया है। 110 दिनों से बौराड़ी स्थित गणेश चौक में चल रहे धरने के बाद बृहस्पतिवार से आंदोलनकारियों ने खैट पर्वत पर भूख हड़ताल शुरू कर दी।
मोर्चा के अध्यक्ष सागर भंडारी के नेतृत्व में बीते 28 फरवरी से आंदोलन चल रहा है। मांग के समर्थन में वें प्रतिदिन धरना कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि टिहरी बांध परियोजना के लिए सबसे बड़ा त्याग प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने किया है लेकिन उन्हें हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों के अनुसार सुविधाएं और अधिकार नहीं दिए जा रहे है। मांगों को विभिन्न मंचों पर उठाने के बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।
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आंदोलनकारियों का कहना है कि टिहरी बांध से मिलने वाली 12 प्रतिशत रॉयल्टी की धनराशि नई टिहरी, प्रतापनगर सहित सभी बांध प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। हनुमंत राव कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप बांध प्रभावितों को निशुल्क बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड में उत्तराखंड को 25 प्रतिशत हिस्सेदारी दिए जाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है लेकिन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने से नाराज मोर्चा के संयोजक सागर भंडारी, गोपीनाथ सिंह रावत, देवांक चमोली, अजय पंवार बृहस्पतिवार से खैट पर्वत पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि टिहरी बांध परियोजना से देश को बिजली और पानी मिल रहा है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान निकालने की मांग की है।
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