स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण को लेकर जिलास्तरीय कार्यशाला में जिले को तंबाकू मुक्त करने के लिए सख्त कदम उठाने की जानकारी दी गई। कहा कि तंबाकू नियंत्रण से जुड़े विभाग चालान की कार्रवाई तेज गति से शुरू करें।
सोमवार को नगर में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस, पर्यटन, खाद्य सुरक्षा विभाग से लेकर व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की शिरकत की। प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दीपा रूवाली ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि तंबाकू समेत अन्य तरह के नशे के कारण युवा पीढ़ी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। एसीएमओ डा. मनोज वर्मा ने कहा कि सभी विभागों को आपसी समन्वय और व्यापारियों का सहयोग लेकर तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। बालाजी सेवा संस्थान के निदेशक अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने तंबाकू का सेवन रोकने लिए कोटपा अधिनियम 2003 बनाया है। इस अधिनियम में कई प्राविधान किए गए हैं। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की मनोचिकित्सक डा. रीना सिंह ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव और इसे छोड़ने की जानकारी दी। इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश यादव, मधु डोभाल, दर्मियान सिंह रावत, अजित सिंह, नेपाल सिंह, डा. पीसी पैन्यूली आदि मौजूद थे।