नई टिहरी। दीपावली त्योहार के दौरान सभी आयु वर्ग के लोगों को आंखों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। आतिशबाजी के दौरान होने वाले प्रदूषण से आंखों की परेशानी बढ़ सकती है। पटाखों के धुंए के कारण आंखों में जलन-चुभन के साथ लालिमा होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पटाखों से लगने वाली चोट आंखों में घाव, रक्त के थक्के बनने या पुतली को भी नुकसान पहुंचा सकती है। आंख में खुजली, जलन होने पर घर में साफ ठंडे पानी से आंखों को धो ले।
जिला अस्पताल बौराड़ी की नेत्र चिकित्सक डॉ. साक्षी मखलोगा का कहना है कि दीपावली पर पटाखे जलाने के दौरान हाथों की उंगलियों और आंखों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी रहती है। आतिशबाजी के दौरान आंखों की सेहत को लेकर हमेशा सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। पटाखों को लेकर की गई लापरवाही न सिर्फ आंखों में चोट का कारण बन सकती है। साथ ही पटाखों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण भी आंखों को दीर्घकालिक क्षति का खतरा बना रहता है।
विशेषकर बच्चों में इस तरह के जोखिम अधिक देखे जाते रहे हैं। पटाखों से लगने वाली चोट आंखों में घाव, रक्त के थक्के बनने या पुतली को भी नुकसान पहुंचा सकती है। आतिशबाजी के समय बच्चों को दूर रखना चाहिए। बड़े लोगों को निगरानी में घर के आसपास आतिशबाजी करनी चाहिए। आंख में खुजली, जलन होने पर सरकारी अस्पताल में आकर जांच अवश्य कराए। चोट लगने पर रात में ही अस्पताल पहुंचकर आपातकालीन कक्ष में डॉक्टर से सलाह ले।
आंखों की सुरक्षा के लिए जरूरी है ये सावधानी
- छोटे बच्चों को आतिशबाजी वाले स्थान से दूर रखे
- पटाखों को जलाकर फेंके नहीं इससे चोट लगने का खतरा हो सकता है
- आंखों में जलन या खुजली होने पर तुरंत साफ ठंडे पानी से धो लें।