श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि को अपना पाठ्यक्रम मिलने की उम्मीद जग गई है। आखिरकार चार साल बाद विवि का पाठ्यक्रम बनना शुरू हो गया है। विवि को वाणिज्य संकाय का पाठ्यक्रम मिल गया है, जबकि जल्द ही विज्ञान एवं कला संकाय का पाठ्यक्रम भी बनकर तैयार हो जाएगा। विवि का दावा है कि इसी शिक्षा सत्र से पाठ्यक्रम शुरू हो जाएगा। विवि ने पंजाब और दिल्ली विवि के विशेषज्ञों की मद्द से पाठ्यक्रम तैयार करवा रहा है।
वर्ष 2012 में स्थापित हुए श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि बादशाहीथौल अपनी स्थापना के बाद से एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के पाठ्यक्रम पर ही अपनी परीक्षाएं करा रहा था। केंद्रीय विवि के पाठ्यक्रम की वजह से विवि से परीक्षाएं देने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी होती थी।
वहीं पाठ्यक्रम नहीं होने की वजह से विवि कुछ फेरबदल नहीं कर सकता था, लेकिन अब श्रीदेव सुमन विवि ने सीबीसीएस पाठ्यक्रम बनाने के लिए देहरादून में दून विवि स्थित कैंप कार्यालय में दिल्ली, पंजाब और गढ़वाल केंद्रीय विवि के विशेषज्ञों को बुलाया है, जिन्होंने वाणिज्य संकाय के बीकॉम, एमकॉम और बीबीए का पाठ्यक्रम तैयार कर विवि को सौंप दिया है।
जबकि कला संकाय के संस्कृत विज्ञान का पाठ्यक्रम तैयार कर दिया है, जिस पर जुलाई दूसरे सप्ताह में होने वाली बैठक में मुहर लग जाएगी। विवि का अपना पाठ्यक्रम बनने से विवि से संबद्ध 17 सरकारी कालेज और रेगुलर कोर्स संचालित कर रहे 125 प्राइवेट कालेजों समेत कला और वाणिज्य संकाय की स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा में प्रतिवर्ष शामिल होने वाले हजारों छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
विवि का वाणिज्य संकाय का पाठ्यक्रम तैयार हो चुका है, जबकि विज्ञान एवं कला संकाय के पाठ्यक्रम को तैयार करवाने की कवायद जारी है। जल्द ही दो संकाय के पाठ्यक्रम बन जाएंगे। विवि का प्रयास है कि इसी सत्र से अपना पाठ्यक्रम शुरू करवाया जाए।
-डा. सुरेंद्र सिंह रावत, कुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि।