नरेंद्रनगर के पसर और मंजियाड़ी में बादल फटने के दो दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। बाढ़ के कारण सभी पैदल रास्ते क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। वहीं, सिंचित खेतों और खड़ी फसलों के मलबे में दबने के कारण ग्रामीणों को भविष्य की चिंता सताने लगी है।
नरेंद्रनगर ब्लॉक के पसर और मंजियाड़ी के कई तोकों में शनिवार रात को बादल फटने से सिंचित खेत, पैदल रास्ते और नहरें बह गई थी। पांच ग्रामीणों के मकान मलबे में दब गए थे। ग्रामीणों ने बमुश्किल मलबा तो हटा दिया, लेकिन सारा सामान बर्बाद हो गया है।
प्रभावित बचनी देवी, जबर सिंह, जोत सिंह का कहना है कि बाढ़ में उनके खेत बह गए हैं। उन्होंने जल्द मुआवजा देने की मांग की है। इस बाबत गजा नायब तहसीलदार गंभीर सिंह ने कहा कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उसके बाद जल्द मुआवजा दिया जाएगा।