श्रीदेव सुमन विवि से प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या इस वर्ष कम हो गई है। गत वर्ष तक विवि से प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों की संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच जाती थी, लेकिन इस वर्ष यह संख्या घटकर 88 हजार पहुंच गई है। प्राइवेट छात्रों की संख्या एकाएक कम होने का प्रमुख कारण विवि की ओर से छात्र-छात्राओं को समय पर बैक पेपर की अंक तालिका समय पर उपलब्ध नहीं कराना माना जा रहा है।
श्रीदेव सुमन विवि ने सत्र 2015-16 की प्राइवेट परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 16 अप्रैल निर्धारित की थी। इस वर्ष विवि ने पहली बार ऑन लाइन प्राइवेट परीक्षा फार्म जमा करने की व्यवस्था तय की थी। अंतिम तिथि तक स्नातक में 56 हजार 798 और स्नातकोत्तर में 31 हजार 916 परीक्षा फार्म विवि में जमा हुए हैं।
पिछले वर्षों की अपेक्षाकृत इस वर्ष छात्रों की संख्या डेढ़ लाख से घटकर 88 हजार तक पहुंचने का कारण विवि प्रशासन भी नहीं समझ पा रहा है। लेकिन जानकारों का मानना है कि विवि गत वर्ष की बैक पेपर परीक्षा का परिणाम समय पर घोषित नहीं कर पाया, जिससे छात्रों को समय पर अंक तालिका नहीं मिल पाई। जिनकी मिली भी उनकी अंक तालिका में कई गड़बड़ी थी।
उन अंक तालिकाओं में भी विवि ने सुधार नहीं किया। परीक्षा में शामिल होने के बाद भी विवि ने अंक तालिका में कुछ छात्रों को अनुपस्थित दिखाया, तो कुछ के विषय बदले हुए थे। ऐसे सैकड़ों अभ्यर्थी परीक्षा फार्म ऑन लाइन जमा करने से वंचित रह गए। छात्र संख्या कम होने के पीछे विवि अधिकारियों का तर्क है कि इंटर के बाद अब छात्र व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में ज्यादा रूचि ले रहे हैं।
ऑन लाइन परीक्षा फार्म भरने के लिए विवि ने छात्र-छात्राओं को डेढ़ माह का पूरा वक्त दिया। तीन बार फार्म जमा करने की तिथि बढ़ाई गई है। इस वर्ष स्नातक और स्नातकोत्तर परीक्षा के लिए 88 हजार 714 अभ्यर्थियों के परीक्षा फार्म विवि में जमा हुए हैं। बैक पेपर परीक्षा की सभी अंक तालिकाएं समय पर कॉलेजों में भेज दी गई थी।
-दिनेश चंद्र, उप कुलसचिव, श्रीदेव सुमन विवि बादशाहीथौल