बाढ़ सुरक्षा कार्य नहीं होने से 43 परिवार खतरे की जद मेंं
घनसाली (टिहरी)। सीमांत गेंवाली गांव मेंं बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बागी और खरसाडा तोक गदेरा उफान पर आने से पानी खेतों में घुस गया जिससे गेहूं की फसल बरबाद हो गई।
गेंवाली के पूर्व ग्राम प्रधान बचन सिंह रावत ने बताया कि शनिवार अपराह्न तीन बजे के लगभग क्षेत्र में एकाएक झमाझम बारिश हुई। बारिश होते ही बागी और खरसाडा तोक गदेरा उफान पर आ गया। गदेरे का पानी सीधे गेहूं की खेतों में जा घुसा। खेतों में तैयार गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया 22 अगस्त 2024 और 28 अगस्त 2025 को क्षेत्र में बादल फटने से गेंवाली गांव में खेतों को भारी नुकसान पहुंचा था। गदेरे से 43 परिवार खतरे की जद में आ गए थे। तब से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करने की मांग की रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। गदेरे के आसपास बाढ़ सुरक्षा कार्य भी नहीं कराए गए। हर बरसात में गदेरा खतरे का कारण बन जाता है लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। इससे लोगों में आक्रोश है। उन्होंने नुकसान का सर्वे कर जल्द प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की।