लंबगांव (टिहरी)। नगर पंचायत लंबगांव का वार्ड-तीन जाे कि पहले ग्राम पंचायत नाैघर का हिस्सा था। 2017 में ग्राम पंचायत नाैघर का विलय नगर पंचायत में हो गया था। नगर पंचायत बनने के आठ साल बाद भी इस वार्ड की बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हैं। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पानी की आपूर्ति केवल आधे घंटे के लिए होती है, जो उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। वार्ड में अब तक सार्वजनिक शौचालयों और रास्तों का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस चुनाव में नगर पंचायत के विकास कार्यों में महिलाओं के लिए रोजगार योजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय लोग क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत की मांग उठा रहे हैं।
लोगों का कहना
नगर पंचायत बनने से पूर्व हमारी गांव की सिंचित खेती की नहरे चाक-चौबंद थी। वर्तमान में सिंचाई नहरों की स्थिति सबसे अधिक खराब बनी हुई है। क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत नहीं हो पाई है। जिससे लोग खेती से दूर होते जा रहे हैं।
प्रदीप रावत, नाैघर वार्ड निवासी
नौघर वार्ड के आंतरिक संपर्क मार्गों की स्थिति खस्ताहाल बनी हुई है। क्षतिग्रस्त रास्तों का मरम्मत किया जाना चाहिए। स्ट्रीट लाइटों और सार्वजनिक शौचालयोें का अभाव बना हुआ है। प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
राजेश रावत, नाैघर वार्ड निवासी
नगर पंचायत बनने के बाद से महिलाओं के हाथ से मनरेगा जैसे राेजगार के साधन छिन गए हैं। ऐसी स्थिति में नगर पंचायत के विकास कार्यों में महिलाओं को रोजगार योजनाओं में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पेयजल संकट का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।
दिला देवी, नाैघर वार्ड निवासी
हमारा गांव भले ही आठ साल पहले नगर पंचायत में शामिल हो गया था, लेकिन रास्ते औ पथ प्रकाश की व्यवस्था सही नहीं हो पाई है। सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण और रास्तों की स्थिति में सुधार किया जाना चाहिए।
सराेजनी देवी, नाैघर वार्ड निवासी