नई टिहरी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने चेक बाउंस के आरोप में एक व्यक्ति को छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अभियुक्त पर 19.15 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। इसमें 19.10 लाख परिवादी को बतौर प्रतिकर प्रदान करने और पांच हजार रुपये राजकोष में जमा करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
परिवादी संजय कुमार बिष्ट (41) निवासी तिसरियाड़ा ने अदालत में दायर वाद में बताया कि वह जीआईसी नागराजाधार में शिक्षक था। अभियुक्त अरविंद मोहन उनियाल (55) निवासी अपर तुनवाला देहरादून भी उस समय जीआईसी नागराजाधार में बतौर लिपिक कार्यरत था। वर्ष 2022 में लिपिक का स्थानांतरण देहरादून डोईवाला हो गया।
वर्ष 2020 में लिपिक ने देहरादून में मकान की किस्त बकाया होने की बात कहकर परिवादी से पैसे उधार मांगे और ऋण स्वीकृत होते ही पैसे लौटाने का वादा किया। इस पर परिवादी शिक्षक ने लिपिक को मई 2020 से दिसंबर 2021 के बीच कई किश्तों में कुल 19 लाख रुपये खाते से निकालकर उसे दे दिए। परिवादी की ओर से दी गई राशि लौटाने को कहा गया, तो वह टालमटोल करने लगा। बार-बार मांग करने पर अभियुक्त ने सात-सात लाख रुपये और एक पांच लाख रुपये का चेक दिया। तीनों चेक बैंक बाउंस हो गए।
उसके बाद भी लगातार कहने पर अभियुक्त ने फिर से 19 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया। उसके बाद नोटिस भेजने पर अभियुक्त ने कोई जवाब नहीं दिया। उसके बाद अभियुक्त लिपिक के खिलाफ वाद दायर किया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मत याकूब की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए अरविंद मोहन उनियाल को चेक बाउंस के आरोप में छह माह कारावास और 19.15 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।