नई टिहरी। खांडखाल-बौराड़ी के लिए प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट के लिए सघन पर्यावरणीय सर्वे शुरू हो गया है। इसके लिए आरआईटीएस (रेल इंडिया टेक्निकल सर्वे) की टीम ने तीन दिवसीय सर्वे कार्य के लिए टिहरी पहुंची है।
बुधवार को भारत सरकार के उपक्रम आरआईटीसी की टीम वरिष्ठ उप महाप्रबंधक एमपी मंडल के नेतृत्व में सर्वे के लिए तीन दिवसीय भ्रमण पर टिहरी पहुंची। इस मौके पर टीम ने कोटी कालोनी से नई टिहरी तक चार स्थानों कोटी, बागी, कुट्ठा और नई टिहरी में हवा और मिट्टी के सैंपल लिए। बताया कि रोपवे का नई टिहरी में अपर टावर और खांडखाला में लोवर टावर बनेगा।
बृहस्पतिवार को टीम पानी के सैंपल लेकर टेस्टिंग करेगी। जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह चौहान ने बताया कि सर्वे टीम पर्यावरणीय गहन सर्वे करने के लिए पहुंची है। सर्वे के दौरान तीन तरह के प्रदूषणों के टेस्ट के अलावा आद्रता, तापमान आदि की भी जानकारी लेंगे। पर्यटन मंत्री दिनेश धनै ने बताया कि उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। टिहरी बांध की झील भविष्य में रोजगार का सबसे बड़ा साधन बनने वाली है। ऐसे में नई टिहरी में भी पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। खांडखाल से बैराड़ी रोपवे बनने से पर्यटक नई टिहरी में भी रुकेंगे। सर्वे टीम में प्रदूषण जांच विशेषज्ञ एमके मिश्रा, इको लॉजिस्ट मनीष इंदुकर आदि शामिल हैं।