जिला सहकारी बैंक ने ऋण वसूली में फिसड्डी रहने और लक्ष्य के सापेक्ष कृषि ऋण वितरित न करने वाले साधन सहकारी समिति के 56 सचिवों समेत 10 शाखा प्रबंधकों का वेतन रोक दिया है। कहा कि 10 फरवरी तक कार्यशैली में सुधार न लाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने 27 नवंबर को स्थानांतरित हुए सचिवों के ओर से एक सप्ताह के अंदर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने पर निलंबन की चेतावनी दी गई।
जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष सुभाष चंद रमोला ने शाखा प्रबंधकों, सचिवों की बैठक लेते हुए बैंक के एनपीए को घटाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। बताया कि दिसंबर माह में टिहरी जिले ने सर्वाधिक दो करोड़ 38 करोड़ की वसूली की है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। उन्होंने बेहतर कार्य करने पर शाखा घनसाली, ढालावाला, नैनबाग और थत्यूड़ के प्रबंधकों, साधन सहकारी समिति गडोलिया, डांगी-नैलचाली, दुआधार, फकोट, स्याल्सी, बांगर, चुल्याणी, मोगी और मंजगांव समिति के सचिवों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने प्रतापनगर, चमियाला, कीर्तिनगर, नैगांव, घोंटी, निरालीधार, चामी पंचूर, महड़ सहित कई समितियों का रिकवरी रेट 10 फीसदी से कम होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। कहा कि बड़े बकाएदारों से वसूली में किसी तरह की कोताही बैंक मैनेजर न बरतें।
बैंक की महाप्रबंधक व सचिव वंदना श्रीवास्तव ने बताया कि 15 करोड़ कृषक ऋण का विभिन्न समितियों से एनपीए चल रहा है। जिसके कारण बैंक का घाटा बढ़ रहा है। कहा कि सचिव और शाखा प्रबंधक टीम भावना से ऋण वसूली मार्च से पूरी कर लें। 27 नवंबर को जिन सचिवों का स्थानांतरण किया गया था। यदि वह एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे, तो उन्हें सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर एजीएम नारायणी सिंह, बीएस पुंडीर, कुलदीप सकलानी, पंकज नेगी, दीवान दास, वरूण रतूड़ी, संगीता कुकरेती, अखिलेश नेगी, यशवंत भंडारी आदि मौजूद थे।