थौलधार ब्लाक की नगुन पट्टी के भेटी, मंजियाड़ी व कंडार गांव के करीब ढाई सौ परिवारों को महीनों से गांव में लगे एक हैंडपंप से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। करीब 1200 की आबादी वाले गांव की एकल ग्रामीण पेयजल योजना डेढ़ दशक से क्षतिग्रस्त है, जबकि जल संस्थान की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्थापित एक अन्य हैंडपंप खराब पड़ा है।
गरीब दास, ग्रामीण ध्यान सिंह, अतर सिंह, करण सिंह, हरि सिंह, सत्या दास, पवन, कमलू, झाण्या, सोबतू, उमेदू, नारायण, प्रेमलाल, शिव दास, सुनील आदि ने बताया कि गांव के लिए वर्ष 1995-96 में एकल ग्रामीण पेयजल योजना बनी थी, जिसे विभाग की ओर से संचालन के लिए ग्रामसभा को सौंप दिया गया। रख रखाव के अभाव में योजना वर्ष 2001 में क्षतिग्रस्त हो गई।
इन गांवों में सरकार की ओर से शौचालय तो बनाए गए हैं, मगर उनकी सफाई के लिए पानी के प्रबंध की ओर योजना नहीं बनाई गई है। उधर, ग्रामीणों ने कंडीसौड़ तहसील मुख्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार सुंदर लाल लेखवार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा, जिसमें उन्होंने शीघ्र पेयजल का समुचित प्रबंध नहीं किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।