पुनर्वास की मांग को लेकर उठड़ के ग्रामीणों का धरना 24वें दिन भी जारी रहा। प्रभावितों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए 10 दिन के अंदर समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर घनसाली-नई टिहरी मार्ग पर चक्का-जाम और आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
जाखणीधार ब्लॉक के उठड़ गांव में धरना दे रहे ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी अधिकतर भूमि वर्ष 2005 में टिहरी बांध की झील में समा गई थी।
जबकि कुछ भूमि वर्षों पहले टिपरी-गडोलिया सड़क निर्माण में कट गई, लेकिन वह भूमि काश्तकार के खाते से नहीं हटाई गई, जिससे उनके खातों में 50 प्रतिशत से अधिक भूमि दर्ज है। यही कारण है कि उन्हें पात्रता की श्रेणी में नहीं लिया गया है।
बुधवार को नंदगांव आंशिक डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सोहन सिंह राणा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जीतराम भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य पुष्पा भट्ट ने समर्थन में धरना दिया। इस मौके पर सूरत सिंह, यशपाल रावत, गिरवीर सिंह, राकेश, सिरा देवी, सुरजा देवी, सुनीता देवी, मथुरा देवी, राजी देवी आदि मौजूद थे।