जौनपुर ब्लाक के दर्जनों गांव के लोगों को धनोल्टी-मोरियाणा-नागटिब्बा मोटर मार्ग पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। मोटर मार्ग पर हर पांच कदम पर बने गड्ढों ने वाहन चालकों और राहगीरों की मुसीबतें बढ़ा दी है, लेकिन वन विभाग खस्ताहाल सड़क की सेहत सुधारने पर ध्यान नहीं दे रही है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों से प्रदेश सरकार से धनोल्टी-मोरियाणा-नागटिब्बा मोटर मार्ग रख रखाव की जिम्मेदारी लोनिवि को सौंपने की मांग की है।
धनोल्टी-मोरियाणा-नागटिब्बा मोटर मार्ग से डांडाकीबेली, लामणीधार, छंडूखिल, खनेरी, नौघर, दबाली, जालकी, टरू सौद, कंशुड़, रैदोनी, खाद और मोरियाणा गांव के लोग आवागमन करते हैं। उक्त गांवों में काश्तकार बड़े पैमाने पर आलू, मटर, गोभी, मूली का उत्पादन करते हैं। काश्तकार धनोल्टी से होकर देहरादून मंडी तक इसी मार्ग से होकर सब्जी विक्रय के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सड़क मार्ग पर गड्ढे अधिक होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
जिला पंचायत सदस्य सनवीर बेलवाल, प्रधान संगीता देवी, बिपिन रावत, मस्तराम बेलवाल, जबर सिंह राणा, महावीर पंवार का कहना है कि मोटर मार्ग पर गड्ढे अधिक होने के कारण वाहनों के टायर पंचर हो रहे हैं। गड्ढों में गिरकर राहगीर भी चोटिल हो रहे हैं। धनोल्टी-मोरियाणा-नागटिब्बा मोटर मार्ग पर आवागमन में जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए जल्द वन विभाग से लोनिवि को हस्तांतरण करने की मांग की है। इस बाबत मसूरी वन प्रभाग के डीएफओ कहकाहसन नसीम ने बताया कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की मांग और प्रस्ताव पर धनोल्टी-मोरियाणा-नागटिब्बा मोटर लोनिवि को सौंपने का प्रस्ताव विभाग की ओर से पहले ही शासन को भेजा जा चुका है। शासन के दिशा-निर्देशों का इंतजार है।