पीएमजीएसवाई की लापरवाही प्रतापनगर के सौंदी गांव में निवासरत 275 परिवारों पर भारी पड़ रही है। दो साल में पांच किमी सड़क ही बन पाई है। ऐसे में सौंदी गांव के लोगों को पांच किमी की पैदल दूरी तय करने को मजबूर है।
सौंदी गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई के अधिकारी जून 2019 के बाद से हर माह सड़क निर्माण पूरा करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने छह किमी सड़क निर्माण को हरी झंडी दी थी, लेकिन वन अधिनियम आड़े आने के कारण अप्रैल 2018 में सड़क निर्माण शुरू हुआ था। तीन करोड़ 30 लाख की लागत से बनने वाली सड़क रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। स्थिति यह है कि दो साल में सिर्फ पांच किमी ही सड़क बन पाई है। एई रोहित श्रीवास्तव का कहना है कि सौंदी गंाव के लिए सड़क निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। लगभग 800 मीटर सड़क निर्माण शेष रह गया है। कठोर चट्टान होने के कारण दिक्कतें आ रही है। मार्च में सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।