डोबरा-भल्डियाना मोटर पर स्वीकृत सुरक्षात्मक कार्य अन्यत्र कराने के विरोध में ग्रामीणों का बेमियादी धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों के साथ वार्ता को पहुंचे विश्व बैंक खंड के ईई को ग्रामीणों ने खरी खोटी सुनाई और बैरंग लौटा दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक कार्य जल्द ही सही स्थान पर शुरू नहीं कराया गया तो आमरण अनशन किया जाएगा।
शुक्रवार को भी तल्ला उप्पू, सौड़ उप्पू ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर धरना दिया और अधिकारियों पर मनमर्जी का आरोप लगाया। कहा कि वर्ष 2013 की आपदा में डोबरा-भल्डियाना मार्ग के तीन किमी से करीब चार सौ मीटर ऊपर भू धंसाव हो गया था। इस कारण उप्पू-किल्याखाल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया था। जनप्रतिनिधियों की मांग पर सरकार ने सुरक्षात्मक कार्यों के लिए चार करोड़ 78 लाख रुपये स्वीकृत किए, लेकिन कार्यदायी संस्था विश्व बैंक खंड उप्पू-किल्याखाल मार्ग के बजाए डोबरा-भल्डियाना मार्ग पर सुरक्षा कार्य का रहा है। शुक्रवार को विश्व बैंक ईई केएस रावत ने धरना स्थल पर पहुंचकर वार्ता की। उन्होंने ग्रामीणों की मांग को लेकर प्रस्ताव शासन को भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीणों ने ईई के आश्वासन को ठुकराते हुए धरना जारी रखा। धरने पर पूर्व प्रमुख खेम सिंह चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमोद नेगी, प्रधान तल्ला उप्पू सुशीला चौहान, मीना देवी, शैलेंद्र प्रसाद, महावीर सिंह, कमला देवी, विशाखा देवी, जगदंबा देवी आदि मौजूद थे।