रविवार की बारिश से चंबा-मसूरी फलपट्टी और हेंवलघाटी में गेहूं, जौ, मसूर की फसलों का अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद जगी है। इस बार नवंबर-दिसंबर में बारिश नहीं होने से किसान समय पर फसलों की बुआई नहीं कर पाए थे। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो इस समय की बारिश फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी।
पर्यावरणविद् विजय जड़धारी का कहना है कि बारिश होने से फसलों को फायदा मिलेगा। रविवार को हुई बारिश से पारा लुढ़ककर सात डिग्री पहुंच गया। दोपहर तक जिले में 14 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। रानीचौरी परिसर के मौसम विभाग के तकनीकी अधिकारी प्रकाश नेगी ने बताया कि इस समय की बारिश फसलों की अच्छी ग्रोथ में सहायक होगी।